मसला

मसला टूटी सड़कों का है , गड्ढों में भरे बारिश के पानी का है।

मसला इस मूसलाधार बारिश में मिटटी के घरों के ढह जाने का है।

मसला ……… खुले मैनहोल और आय -दिन उसमे गिर के अपनी जान गवाने वालों का है।

अमीरों को अपने देश से बाहर भागने का मसला है !

तो बच्चों को किताबों के बोझ का मसला है,

और फिर टीचरों को TET एग्जाम पास करने का मसला भी है … !

इधर नौकरीपेशा को बढ़ते खर्चों का मसला है तो ,

उधर गरीब को डायन महंगाई का मसला है ।

और सरकारों को ….. अपनी कुर्सी बचाने का मसला है।

मसला ये भी है की वो क्या चाहते हैं ,

मसला ये भी है की हम क्या चाहते हैं ?

तो किसी के मर्म को समझना भी एक मसला है।

सरकारें आईं और गईं पर मसला वहीँ का वहीँ ,

किसी का कुछ मसला , तो किसी का कुछ ,

पर इन् मसलों को हल करना भी एक मसला है।

7 thoughts on “मसला

    1. बहुत धन्यवाद आपका । अभी समय ही ऐसा चल रहा है की आम आदमी के वोट और टैक्स की अनदेखी कर राजनेता सिर्फ अपनी जेबें ही भरने में मशगूल हैं।

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      1. बिल्कुल सही बात। लेकिन चिंता की बात नहीं है । चुनाव भी जल्दी ही आयेगा । तब सवाल किया जाएगा हमारे नेताओं से की अब तक कहां थे ? जब संकट हमारे ऊपर अता है तो आप गायब रहते हो और चुनाव के समय आये हो ।

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